जगदलपुर. बस्तर में रेल सुविधाओं के लिए दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों के नेताओं द्वारा अनिश्चितकालीन आन्दोलन कर रेल प्रशासन पर दबाव बनाकर बस्तर में रेल सुविधाओं की दिशा में कुछ कामयाबी हासिल की थी, लेकिन जोरानाला विवाद भी बस्तर में रेल सुविधाओं की मांग की तरह ही लम्बा है लेकिन इस मामले पर अभी तक किसी भी राजनैतिक पार्टी के द्वारा ऐसा कोई आन्दोलन नहीं किया गया है की जोरानाला में बह रहा पानी जगदलपुर तक पहुँच सके. गौरतलब है की इस वर्ष भी जोरानाला संगम पर रेत की बोरियां दाल कर पानी को जगदलपुर की दिशा में बहाने का असफल प्रयास किया जा रहा है.
कांग्रेसी ही खोद रहे हैं कांग्रेसी की कब्र !
© लेखक | February 1, 2012 - 11:11 PM को प्रकाशित किया गया.
जगदलपुर. बस्तर में इतिहास एक बार फिर दोहराया जा रहा है, एक बार फिर कांग्रेसी छटवीं अनुसूची के मुद्दे पर एक दुसरे को निपटाने का काम कर रहे हैं, जिसका फ़ायदा आगामी विधान सभा चुनाव में निश्चित ही भाजपा को मिलेगा. गौरतलब है की प्रदेश संघठन इस पुरे मामले पर मूकदर्शक बना तमाशा ही देखता प्रतीत हो रहा है, जब बस्तर में कांग्रेसी ही आपस में भिड़ने लगेंगे तो किस तरह से कांग्रेस मज़बूत होगी यह ऐसा सवाल है जो बस्तर के सभी कट्टर कांग्रेसियों को परेशान कर रहा है.





