जगदलपुर. आज कल स्कूलों में पैसे कमाने की जैसे होड़ सी लगी हुई है. हम बात कर रहे है शहर के स्कूलों में लगने वाले “आनंद मेले” की, जिसमे “आनंद” के नाम पर सीधा लूट खसोट किया जा रहा है. पखवाड़े भर पहले लगे मेले की मैं बात कर रहा हूँ, जिसमे लगभग सभी नामचीन स्कूलों ने विद्यार्थियों में सहयोग की भावना जगाने के उद्येश से “आनंद मेले” का आयोजन किया था. जिसमे ऊँची कीमतों पर बाज़ार में बिकने वाले छोटे से छोटे आइटमो को बेचा गया.
एक नज़र डालें खाद्य सामग्रियों की कीमत पर – बाज़ार में बिकने वाला रु. 5/- का गोलगप्पा (पानीपूरी) यहाँ रु. 10/- में बिका … सोचने वाली बात तो यह है की एसी कौन सी मजबूरी थी जिसे पालक इन खाद्य सामग्रियों को दुगने दामो में भी बच्चो को खरीद कर देने के लिए तैयार हो गए. वहीं समोसा, आइसक्रीम, डोसा, केक इत्यादि की कीमतें भी आसमान छू रही थी.







