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इन्टरनेट की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक तकनीकी जंग !

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बंद विकिपीडिया

दुनिया भर के करोड़ों वेबसाइट सोपा और पीपा कानून के विरुद्ध अपनी सहमती जताते हुए, अपने साईटों को आज बंद कर दिए हैं. इस मुद्दे पर, दुनिया भर में इन्टरनेट के माध्यम से जानकारियों का ज्ञान बांटने वाला सबसे बड़ा वेबसाइट, विकिपीडिया का अंग्रेजी संस्करण भी 24 घंटों के लिए आज बंद किया गया है.

जानकारियों के मुताबिक बहुचर्चित ई-समाचार साईट “http://www.reddit.com/” 12 घंटो के लिए और विश्वप्रसिद्ध ब्लॉग साईट “http://boingboing.net/” भी 24 घंटों के लिए बंद है. यह सभी साईट भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे से बंद हैं.

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गूगल – नाम ही काफी है !

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गूगल - 1998

इन्टरनेट पर गूगल का नाम शायद किसी के लिए अनजान नहीं है. आज गूगल नाम एक दंतकथा के सामान लगता है, और है भी ! बहुत ही कम समय में इन्टरनेट और कम्प्यूटर की दुनिया में इसने जो नाम कमाया है, शायद ही कोई और इस मुकाम तक पहुँच पाता. गूगल, एक अन्वेषण परियोजना के तहत मार्च 1998 में लार्री पेज और सेर्जे ब्रिन, विद्यावाचस्पतियों के द्वारा शुरू किया गया था. उस वक्त यह दोनों स्तान्फोर्ड महाविद्यालय के छात्र हुआ करते थे, और इसी महाविद्यालय में किसी डिजिटल लाईब्रेरी परियोजना में कार्य कर रहे थे.

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जानें कैसे – आपके कम्प्यूटर में वाईरस है !

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कम्प्यूटर वाईरस

कम्प्यूटर क्रांति जितनी तेज़ी के साथ आई, उससे कही तेज़ी के साथ कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट के प्रयोगकर्ताओं ने जन्म लिया. इन प्रयोगकर्ताओं में कई अच्छे थे तो उनसे कहीं ज्यादा कम्प्यूटर प्रणाली को ख़राब करने वालों की भी कमी नहीं थी. जी हाँ, मैं क्रेकर (Cracker) की बात कर रहा हूँ. ऐसे असामाजिक तत्वों द्वारा दुनिया इन्टरनेट के जाल पर प्रतिदिन हजारों कम्प्यूटर वाईरस अपलोड कर दिया जाता है, और जैसे ही आप अपने घर पर इन्टरनेट का प्रयोग करते हैं, कुछ डाउनलोड करते हैं तो उसमे प्रयुक्त वाईरस आपके भी कम्प्यूटर में आ जाता है, और आपके महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ख़राब कर देता है.

किसी कम्प्यूटर में वाईरस के हमले का कारण सिर्फ और सिर्फ उसे प्रयोगकर्ता द्वारा की गयी गलतियों का ही नतीजा होता है. आज भी इन प्रयोगकर्ताओं में जागरूखता की कमी देखी गयी है. आपको अपने कम्प्यूटर में डाउनलोड किये हुए दस्तावेजों एवं किसी मित्र के द्वारा ईमेल या अन्य किसी माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों को खोलते समय अत्यधिक सतर्क रहने की जरुरत है, क्यूंकि इन्ही दस्तावेजों के माध्यम से वाईरस आपके कम्प्यूटर में भी आ सकता है.

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मेरा ब्लॉग प्रसिद्ध कैसे हो ? (भाग 2)

भाग 1 के लेख को पढने के लिए यहाँ क्लिक करें

इस लेख में मैं आपको यह बताना चाह रहा हूँ की अपने चिट्ठा (ब्लॉग) को जीविका का साधन कैसे बनाया जाये ? पर क्या वाकई एक चिट्ठे से हो रही आमदनी से एक परिवार चल सकता है. मेरी माने, 1 परिवार ही नहीं अपितु आस-पास के 2 – 3 परिवार और चल सकते हैं, लेकिन जैसे जीविका चलाना बहुत ही मुश्किल है वैसे ही एक चिट्ठे से होने वाली आमदनी के माध्यम से जीविका चलाना उससे कहीं ज्यादा कठिन है.

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सफल चिट्ठे से निश्चित ही होती है आमदनी

एक बहुत पुराना वाक्य है – “परिश्रम से क्या नहीं जीता जा सकता ?“, बस इसी पर हम आज चर्चा करेंगे. पर आमतौर पर चिट्ठाकारों को ऐसा लगता है की “एक चिट्ठा चलाना कितना कठिन हो सकता है, सभी के पास तो एक चिट्ठा है, मैं भी एक खोल ही लेता हूँ“. तो मैं आपको बता दूँ की ऐसी सोच वाले प्राणी सिर्फ शौकिया तौर पर अपने चिट्ठे को चलाते हैं, लेकिन इस लेख में हम बात करने जा रहे हैं की एक चिट्ठे से इतनी आमदनी कैसे की जाये जिससे एक मध्यम वर्गीय परिवार चल सके.

जैसा की मैंने अपने पिछले लेख में आपको बताया था, (खैर, एक बार फिर बताता हूँ) की जैसे एक मकान को बनाने के लिए सर्वप्रथम उसकी रूपरेखा तैयार की जाती है, मेरा मतलब है पहले नक्षा तैयार होता है फिर उसी के आधार पर मकान का निर्माण किया जाता है. ठीक उसी प्रकार, एक चिट्ठे को चलाने के लिए सर्वप्रथम आपको उसकी रूपरेखा तैयार करनी होगी की आपको कौन से लेख अपने चिट्ठे में प्रकाशित करने हैं और कैसे लेख प्रकाशित करने हैं जिसे पढ़कर आपके पाठक दोबारा आपका चिट्ठे पर आयें और लगातार आते रहे. साफ़ जाहिर है की आप अपने पसंद के लेख न लगा कर ऐसे लेख लगायें जिन्हें आपके पाठक पसंद करते हों.

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मेरा ब्लॉग प्रसिद्ध कैसे हो ? (भाग – 1)

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ब्लॉग दुनिया

मैंने शीर्षक में ब्लॉग शब्द का प्रयोग किया है. दरअसल इसे हिंदी में चिठ्ठा भी कहते हैं. ये एक प्रकार के वेबसाइट होते हैं जिन्हें एक दैनिक डायरी की तरह रोजाना लिखा जाता है. औसतन, आजकल लगभग हर 10 इन्टरनेट को जानने वाले व्यक्ति में से 1 के पास ब्लॉग होता है. इस क्षेत्र में कुछ शब्द हैं जिनसे मैं आपका परिचय करना चाहता हूँ:

  1. ब्लॉग (अंग्रेजी) – चिठ्ठा (हिंदी)
  2. ब्लॉगर (अंग्रेजी) – चिट्ठाकार (हिंदी)
  3. ब्लॉग्गिंग (अंग्रेजी) – चिट्ठाकारी या चिट्ठाकारिता (हिंदी)
  4. वेबसाइट (अंग्रेजी) – जालपृष्ठ (हिंदी)
  5. कमेन्ट (अंग्रेजी) – टिपण्णी (हिंदी)

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