कम्प्यूटर क्रांति जितनी तेज़ी के साथ आई, उससे कही तेज़ी के साथ कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट के प्रयोगकर्ताओं ने जन्म लिया. इन प्रयोगकर्ताओं में कई अच्छे थे तो उनसे कहीं ज्यादा कम्प्यूटर प्रणाली को ख़राब करने वालों की भी कमी नहीं थी. जी हाँ, मैं क्रेकर (Cracker) की बात कर रहा हूँ. ऐसे असामाजिक तत्वों द्वारा दुनिया इन्टरनेट के जाल पर प्रतिदिन हजारों कम्प्यूटर वाईरस अपलोड कर दिया जाता है, और जैसे ही आप अपने घर पर इन्टरनेट का प्रयोग करते हैं, कुछ डाउनलोड करते हैं तो उसमे प्रयुक्त वाईरस आपके भी कम्प्यूटर में आ जाता है, और आपके महत्वपूर्ण दस्तावेजों को ख़राब कर देता है.
किसी कम्प्यूटर में वाईरस के हमले का कारण सिर्फ और सिर्फ उसे प्रयोगकर्ता द्वारा की गयी गलतियों का ही नतीजा होता है. आज भी इन प्रयोगकर्ताओं में जागरूखता की कमी देखी गयी है. आपको अपने कम्प्यूटर में डाउनलोड किये हुए दस्तावेजों एवं किसी मित्र के द्वारा ईमेल या अन्य किसी माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों को खोलते समय अत्यधिक सतर्क रहने की जरुरत है, क्यूंकि इन्ही दस्तावेजों के माध्यम से वाईरस आपके कम्प्यूटर में भी आ सकता है.






